Page 27 - Fatima School - Mazgazine new
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एकाग्र शचत्त और मन से गर सच्चा प्रयास कर ग
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सब कही-सनी यशि तजकर खि पर शर्वश्वास कर ग
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शनशित है एक शिन तम भी सफलता प्राप्त कर ग
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सौभाग्य तम्हारा िख इतना भी कशिल नहीीं है !
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सर्वोच्च शिखर पर चढ़ना इतना भी जशिल नहीीं ह।
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मकड़ी क ध्यान से िख जब जाला र्व बनती है
सौ बार इधर उिती है सौ बार उधर शगरती है
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र्वह शसखलाती हम सबक हे मानर्व तम भी जान
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िभाग्य तम्हारा िख इतना भी हशिल नहीीं है !
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सर्वोच्च शिखर पर चढ़ना इतना भी जशिल नहीीं ह।
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असफलता और सफलता का सतलन बनाय रखना
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आग ही बढ़त रहन का शनज-स्वप्न सजाय रखना
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हर लक्ष् तम्हारा ह गा यह शबल्कल ही शनशित है
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ज तमक र क भी पाए ऐसा क ई अशनल नहीीं है ,
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सर्वोच्च शिखर पर चढ़ना इतना भी जशिल नहीीं ह। .
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सच्च राह ीं पर चलना इतना भी कशिन नहीीं ह।
Brijesh Srivastava PGT (Mathematics)
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