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K.V. I.T.B.P. SHIVPURI
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                                                    अमर शहीद                                                K.V. I.T.B.P. SHIVPURI



                                     राम –कृ ष्‍ण की धरती पर , पापी ने प ाव पसारा


                                      बढ़ो जवाऩोों आज ववदेशी ने हमक़ो ललकारा


                                  इस धरती क़ो हवियाने का, उसने आज ववचार वकया


                                   इस भारतक़ो धमकाने का, उसने बडा प्रचार वकया
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                                                                                                             K.V. I.T.B.P. SHIVPURI
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                                     उत्‍तर में व़ो खड़ा वहमालय टक्‍कर लेनेवाला है
                                      जह ा हजाऱोों वीर लडेंगे उसने हमें न जाना हैं
                                      वीर वशवाजी क े गािाऍ, हमने घर-घर गाई हैं


                                      महाराणा प्रताप क े मारू बाजे खूब बजाए हैं

                                    रण-भूवम  बज उठी कटठ् व़ोमन ने हमें पुकारा है                            K.V. I.T.B.P. SHIVPURI


                                   हमलावर...... गद्दाऱोों का अब काम न बनने वाला है


                                    हम न वकसी का मुल्‍क चाहते हमें वकसी से वैर न


                                     काश्‍मीर क े अन्‍तरीप तक, यही  हमारा नारा है


                                   वहन्‍द महासागर की लहऱोों ने सुन ल़ो यही पुकार है

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                                                                                                             K.V. I.T.B.P. SHIVPURI
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                                                 सुन ल़ो यही पुकार है।
                                                                                पारस गुप्‍ता
                                                                                     9 ‘अ’                  K.V. I.T.B.P. SHIVPURI
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