Page 20 - KV Datia Magazine
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'मुझे है प्रिय हहिंदी भाषा'







                                            िातः काल जब मैं उठती।




                                          उठकर राम राम ही कहती।।



                                     गुड मॉर्निंग गुड नाइट को बाय बाय।



                                        दुर्नया क े यह शब्द हाय हाय।।



                                           हमको जमीन से है जोड़ती।



                                                         े
                                     अमीर गरीब क फक को है तोड़ती।।
                                                               क

                                             बच्च बूढ सभी समझते।
                                                   े
                                                        े

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                                          आपस में यह िम है रखते।।


                                            इसललए मैं सब से कहती।



                                           हाथ जोड़कर विंदन करती।।



                                             हहिंदी भाषा सबस प्यारी।
                                                                  े


                                                                    े
                                          यह दुर्नया में सबस न्यारी।।





                                                                          अर्चकता गुप्ता (कक्षा 4 ‘A’)
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