Page 17 - KV Datia Magazine
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कविता








                                   बहुत क ु छ खोया है तूने, पर आगे बहुत क ु छ पाएगा।


                                   बस खुद पर विस्िास रख, ये समय भी बीत जाएगा।

                                        एक जोत सी लेकर, कोई मसीहा आएगा।


                                              िक़्त ही तो है ,गुज़र जाएगा।





                             वकसी ने राम का नाम वलया ,वकसी ने अल्लाह को याद वकया।


                                  वकसी ने खुद को समझा, वकसी ने मन पाक वकया ।

                                       इस महामारी क े  रािण को कौन जलाएगा ,


                                        एक जोत सी लेकर कोई मसीहा आएगा।


                                              िक़्त ही तो है ,गुज़र जाएगा ।




                                           कोई पास नहीं तेरे ,पर सब साथ है।


                                           तू विक्र मत कर ,जो हम वनराश हैं।


                                              घबराना मत, बस भरोसा रख


                                        वकसी मौसम की तरह,ये भी चला जाएगा।


                                        एक जोत सी लेकर ,कोई मसीहा आएगा।


                                              िक़्त ही तो है, गुज़र जाएगा।





                                                                                                  अंशुमन गौतम

                                                                                                             12 th
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