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हर त्योहार पर हई प्रततयोगगता,
                                                             ु

                                               मटकी सजा रखी है भगगता।

                                               नाच भी उन्होंन खूब ददखाया,
                                                             े

                                            अध्यापक ददिस पर tag ददलाया।







                                             तततली बनाई, कभी फ ू ल बनाया,

                                                                 ें
                                              Videos बनाकर उन्ह शसखाया।

                                             मेहनत दख खुि हए अशभभािक,
                                                      े
                                                              ु
                                              कहते मुझे "बच्चों क े प्रभािक"।



                                                दखो, सत्र का अंत है आया,
                                                 े

                                              पर ये सत्र भी अत्यंत है भाया।


                                               सीखा और मैंने खूब शसखाया,


                                                इस तरह मंश्जल को पाया।



                                                  अतः कोरोना ने कहा:-


                                                    ै
                                                   कसे है ये बच्चे भाई?

                                               नानी मेरी मुझे याद ददलाई।




                                                                                                                                                  पारूल

                                                                  प्राथमिक मिक्षिका
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