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शशक्षिों ि े भिपूि प्रयासों से, उनि घींटो ति फोन पि अशभभाविों िो ऑनलाइन शशक्षा ि े शलए प्रेरित किए
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        जान ति। ये सफि आसान नह  था। साधनों िा अभाव था िह , तो िह  घिों में आर्थशि मजबूि । किससे िह?
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        िसे िह? िसे बच्चों ति अपनी बात पहचाएीं। पि वो िहते हैं ना -"अजी साहब, ये शशक्षि बडा ह  जजद्द  प्राणी
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        है, एि बाि जो ठान शलया, सो ठान शलया"।
        िभी गूगल मीदटींग, िभी व्हाट्स ऐप, िभी जूम क्लासेस, यहा ति कि आप तो हमाि शशक्षि यूट्यूब ि े माध्यम
                                                                   ीं
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        से भी छात्रों ति पहच गए थे। टक्नोलॉजी िी बाि किया भल ह  ज्यादा ना समझते हों , पि प्रयासों में िमी नह ीं
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        थी।
        बच्चे भी अब घि बैठ-बैठ ह  शशक्षा ग्रहण ििने लगे औि एि बाि कफि जुडन लगे अपने ववद्यालय से। "अपने
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        अपने घिों में ह  एि छोटा सा िद्र य ववद्यालय शायद सबने पा शलया था।"
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         दखते ह  दखते साल यू ह  बीतता गया,पूिा साल यह  शसलशसला िहा। बीच बीच में बच्चों ि े ववद्यालय िब से
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        पुनः खुलग जैसे सवालों से तघि जाते थे, पितु शायद सब्र ििना अब उन्ह भी आ गया था। जस्थतत अभी भी
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        सामान्य नह  हई है ये अब सभी जानते ह। Lockdown तो अब नह ीं है पि सतिता बहत ह  जऱूि  ह।
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         शायद २०२० हम ऑनलाइन शशक्षा ि े माध्यम से ऱूबऱू ििवाने ह  आया था। आज बच्चे वीडडयो िॉन्रशसींग
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                                                                                                            ें
        में खुद िो पूि  आत्मववश्वास ि े साथ प्रस्तुत ििते हैं तो िह  ना िह  खुशी शमलती ह। हि बुिा समय अपने
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        साथ ि ु छ ना ि ु छ अच्छा भी लिि आता है बस यह  ववश्वास हम िखना चादहए।
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        Corona वैक्सीन भी अब धीि धीि बनने लगी है, तो उम्मीद है कि जल्द  ह  इस माहौल से सब बाहि तनिलगे
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        औि बच्चे भी अब अपने इस New normal (mask, sanitizer, social distancing) से बाहि आएींगे।
        ि ु छ भी िहो पि २०२० अपने आप में, िई िािणों से भुलाए नह  भूलगा।
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         अींत में बस यह  िहगी- हम होंगे िामयाब,
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        हम होंगे िामयाब एि ददन
        हो हो हो मन मे है ववश्वास, पूिा है ववश्वास
        हम होंगे िामयाब एि ददन।




                                                                      नेहा

                                                                 प्राथशमि शशक्षक्षिा
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