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“Covid-19”




        Covid-19... ये शब्द अब किसी परिचय िा मोहताज नह  ह। बच्चा बच्चा इसिो जानता है, समझता भल ह
                                                                ीं
                                                                                                              े
                                                                  ैं
        न हो, पितु जानता ह।
                 ीं
                            ै
        साल २०२०, स्थान शशवपुि , नए साल कि बधाइयाीं जहा सबिो खुशशया दे िह  थीीं वह ीं दूसि  तिफ ववदशों से
                                                                             ीं
                                                                                                            े
                                                              ीं
                                                                                   ीं
        ि ु छ अनचाह  खबि भी ला िह  थी।
                           ें
        यहाीं उन खबिों िो प्रसाि उतना नह ीं हआ था, हम बस मूि दशशि बने जानने िा प्रयास िि िह थे कि हो क्या
                                                                                                   े
                                             ु
        िहा ह। िौन सी बीमाि  लोगों में फल िह  है? िसे आयी? िहा से आयी?
                                         ै
                                                                   ीं
             ै
                                                     ै
         पि सब ि ु छ इतनी जल्द  से होगा  शायद ह  किसी ने सोचा हो।

         सबसे पहल एि ददन िा भाित बींद। लोगों में खलबल  मच गई, सोचने लगे कि ये क्या हआ..
                    े
                                                                                             ु
        इससे पहल ऐसा िभी हआ नह ीं था, सोचा कि िोई बात नह ीं अगल  सुबह तो सब पहल जैसा ह  हो जाना ह। पि
                                                                                          े
                   े
                                                                                                            ै
                               ु
        किसे पता था कि ये तो बस शुरुआत मात्र ह। ि ु छ बडा होने जा िहा था, जजसिी किसी ने िल्पना भी नह ीं कि
                                                  ै
        थी शायद।
         Lockdown! Lockdown!!


        इस एि शब्द ने जजींदगी िो जैसे जिड शलया हो, जो जहा पि था थम गया था। "िोई िह ीं नह ीं जा सिता"
                                                                ीं
        कितने डिावने लगते हैं ना ये शब्द सुनन में ह ।
                                               े

         आप बाहि नह ीं जा सिते थे, धीि- धीि सभी स्ि ू ल, दफ़्ति, मािट, िॉलज औि यहाीं ति िी ट्रन भी बींद िि
                                                                                                    े
                                                                      े
                                                                               े
                                         े
                                                                                                      ें
                                              े
        द  गईं।
        सब जगह बस 'िोिोना वायिस' ह  छाया हआ था।
                                                 ु
         शशक्षा ि े क्षेत्र में तो मानो भूचाल सा आ गया हो, िसे बच्चों िी शशक्षा िी गतत िो धीमा होने से िोिा जाए, वो
                                                        ै
        भी जब उनिो ववद्यालय बुलाया नह ीं जा सिता। ऐसे में एिमात्र िास्ता यह  था कि *"तो क्या हआ अगि बच्चे
                                                                                                   ु
        ववद्यालय नह ीं आ सिते, ववद्यालय तो बच्चों ति पहच सिता है"* जी हाीं।
                                                             ीं
                                                             ु
        औि इसी ि े साथ शुरुआत हई हमाि यहा भी *ऑनलाइन शशक्षा* िी। सभी शशक्षि बींधुओ से सुझाव माींगे गए
                                                                                              ीं
                                               ीं
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                                   ु
        कि किस तिह िद्र य ववद्यालय अपने छात्रों ि े भववष्य ि े शलए, उनि मागशदशशन हतु , उन ति पहचगा।
                        ें
                                                                                                      ीं
                                                                          े
                                                                                                        े
                                                                                       े
                                                                                                      ु
        अब वह  मोबाइल फोन जजससे सभी बच्चों िो दूि िहन कि सलाह द  जाती थी..किसे पता था यह  एि ददन
                                                              े
        उनि शशक्षा ग्रहण ििने िा साधन बनेगा।
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