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P. 6

ूँ
                                  मैं ज़िन्दगी ह




                                       ूँ
                                                      ूँ

                       मैं खुशनुमा ह, मैं बदनुमा ह,
                       मैं एक चोट ह, महसूस कराता ह
                                      ूँ

                                                           ूँ

                       मुझमें बहत दाग है, पर वो अच्छे हैं
                                 ु
                       इन्हें छ ु पाने क े  नुस्खे ना बताओ यारों..



                                            ूँ

                       मैं इसे ना छ ु पाता ह, ना ज़दखाता ह    ूँ

                                                ूँ
                       मैं बस यही बतलाता ह..
                       ये ज़िन्दगी खुशनुमा भी है,


                       ये ज़िन्दगी बदनुमा भी है


                       इसे ज़मटाने की नही, ज़नभाने की िरूरत है...


                                                         ूँ


                                         ूँ
                       मैं तो ज़िन्दगी ह.. मैं तुम्हारी ह..
                                                   ...ज़वजय वमाा ...
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