कविता
हर घर में यही नारा है,
कोरोना को हराना है
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इसन कसा चक्कर चलाया
बड़ -बड़ों को घर मे बबठाया!
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अब इसको भी भगाना है
फिर से घूमन जाना है!
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थाली से सब्जी गायब
!
म ुँह से पान और मािा गायब
महुँगा दौर जमाना है
,
फिर से पनीर पापड़ खाना है
कोरोना को भगाना है
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शििा क रिी
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कक्षा- 9 ‘अ’