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नारी शिक्षा..




                                            शिक्षा का महत्व बहुत लोगोों ने जाना है,
                                                                              ै
                                          हर कदम पर शिक्षा को ही अपना माना ह।


                                                                            ू
                                         आज क े इस दौर में शिक्षा शबना सब अधरा है,
                                                                               ै
                                                  े
                                         पर न जान नारी से ये अशधकार क्ोों छीना ह ?


                                   नारी को बस िादी और चूल्हा – चौका क े लायक समझा है,
                                                                                        ै
                                                               े
                                जबशक हकीकत में नारी ने भी अपन नाम को इशतहास में जोडा ह।














                                                                            ों
                                                        ु
                                   माना शक आज क े इस यग में लडशकयोों ने भी झडा गाडा है,
                                                                        े
                                                                              े
                                                                                   ै
                                                                    ें
                                    पर शिर भी कहीों न कहीों लोगो ने उन्ह पीछ ही ढकला ह।।

                                                                 े
                                          े
                                              ूों
                                    न जान क् लोगोों ने नारी से उसक अशधकार को छीना है,
                                                                         े
                                                                                ै
                                        लडकी हों न "मै" बस इसशलए ही सबन कोसा ह।

                                                     े
                                   अशधकारोों को शजसन छीना हो, क्ा मतलब ऐसी शिक्षा का,
                                                      ों
                                                                      े
                          एक न एक शदन उडान जऱूर भऱूगी मै भी, वचन लती हों इसी "नारी शिक्षा" का।।



                                                                              ों
                                                                                                अजशल गौर


                                                                                                 कक्षा - ५ ‘अ’
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