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ऑनलाइन शिक्षा

                                         मेरी  कक्षा  6 बी  में हालात  अब, बहत  अच्छ े  हैं
                                                                      ु
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                                          छोट-छोट, पर  सक्रिय, समझदार  से  बच्चे  हैं
                                           पहल   ऑनलाइन    शिक्षा, नहीीं  समझते  थे
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                                                  कछ
                                          अब   सब ु    समझ   कर, अच्छ े  से  पढ़ते  हैं
                                                         ें
                                              क ु छ  ददक्कत, जरूर  प्रकट  करते  थे
                                      पर  अब, सब, एक   दूसर े  को, और  बेहतर  समझते  हैं,


                                            क ु छ े  पास  सींसाधन, उपलब्ध  नहीीं  थे
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                                                                          क
                                           कछ, ज्यादातर, आउट
                                        तो ु                    ऑफ  नेटवक  रहते  थे
                                        क ु छ  ने  लॉकडाउन  में, मजबूरी  में, िहर  छोडा  था
                                    क ु छ  ने  ऑनलाइन  शिक्षा  की  कशमयों  पर, ठीकरा  फोडा  था

                                उदासीन  को  इटरनेट  पर, इींटरटन  कर, वापस  ऑनलाइन  कराया  है
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                               ऑनलाइन     का  दूसरा  कोई, ववकल्प  नहीीं  है, यह  साक्षात  समझाया  है,


                                         क्रफर  भी, एक  लडकी, अभी  भी, क ु छ  लापता  थी

                                    फोन  स्ववच  ऑफ, पता  गलत, क ु छ  समझ  नहीीं  आता  था

                                                                          क
                                     पडोशसयों, दुकानदारों  को  खींगाला, तो  सींपक  हो  पाया  था
                                  फोन  नींबर, व्हाट्सएप  नींबर  शमला, तब  शमजाज  शमल  पाया  था

                                                  क
                                    आजकल     6 बी े  सार े  बच्चे, खुिी  से  ऑनलाइन  पढ़ते  हैं
                                  परिाननयाीं  जरूर  हैं, पर  सब  शमलजुल  कर, डटकर, ननपटते  हैं,
                                    े


                                  कद्रीय  ववद्यालय  सींगठन  का, हम  शिक्षकों  पर, पूरा  भरोसा  है
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                                प्राचायक  महोदय  जी  ने  भी, जमकर  जगाया, सब  में  खोया, भरोसा  है

                                  जोिील   शिक्षकों  का  अत्यींत  अद्ववतीय, अनमोल  योगदान  है
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                                                                         े
                                       ऐसे  ही  कमकठ  शिक्षकों  से  ही  तो, भारत  दि  महान  है
                                    अब  सभी  ववषय, बच्चों  को  ऑनलाइन, समझ   आ  जाते  हैं

                                                                    े
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                                   पुराने े  साथ-साथ, शिक्षक, नए  तरीक  भी, खूब  अपनाते  हैं,
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