Page 14 - KV Datia Magazine
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देश प्रेम




                                                                  ै
                                   हमें देश से प्रेम हैं कितना, िसे हम  बतलायें ।


                                                          े
                                            ु
                                   आओ िछ ऐसा िरि, सबिो हम कदखलायें।।




                                                                          े
                                                           ें
                                   नहीं झुिा है नहीं झुिगे,  दुश्मन ि आगे हम।

                               देश िो मजबूत बनािर,  न होने देंगे मजबूर  हम ।।







                                   प्रण  लेते हैं ,  नहीं खरीदें चीन िा माल हम।


                                                                             ें
                                  देश िा धन देश िो दें,  ऐसा िाम िरगे हम ।।






                                   सब िो समझाना है,  त्याग और तप िा श्रम।



                            जग में िभी विफल ना हो देश प्रेम,  यह प्रण लेते हैं हम।।






                                                                    ै
                                   हमें देश से  प्रेम है कितना,  िसे हम बतलायें।


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                                                          े
                                   आओ िछ ऐसा िरि,  सबिो हम कदखलायें।।




                                                                                         आयुष सक्सेना



                                                                                                       th
                                                                                               िक्षा 10
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