Page 52 - school magazine
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िाता पपता
माँ की ममर्ा सबस प्यारी,
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सार िग में सबस न्द्यारी,
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सबक ददल को भाने िाली,
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प्यार का मोल शसखान िाली.
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वपर्ा का प्यार भी ह अनोखा,
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सार िीिन को उमंगों स भरर्ा,
हाि पकड़कर चलना शसखाए,
िीिन की नयी राह ददखायें.
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मार् वपर्ा की सिा करना,
प्यार नम्रर्ा में ही चलना,
सदाचार अपनार्े रहना,
िीिन खुशियों स र्ुम भरना.
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द्िारा - दि सदठया
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कक्षा— ६ ब

