Page 53 - school magazine
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डाल दहलाकर आम बुलार्ा आम लगेंग इसीशलए यह
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र्ब कोयल आर्ी ह। गार्ी मंगल गाना,
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नहीं चादहए इसको र्बला, आम शमलग सबको,
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नहीं चादहए हारमोननयम, इसको
नछप-नछपकर पत्तों में यह र्ो नहीं एक भी खाना।
गीर् नया गार्ी ह!
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सबक सुख क शलए बेचारी
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गचक्-गचक् मर् करना र ननतकी, उड़-उड़कर आर्ी ह,
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भौंक न रोिी रानी, आम बुलार्ा ह, र्ब कोयल
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गार्ा एक, सुना करर्े हैं काम छोड़ आर्ी ह।
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