Page 58 - school magazine
P. 58
तनबंध
'द दी हिें आजादी, बबना खड् ग बबना ााल
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साबरिती क संत तून कर हदया किाल '
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प्रस्र्ािना- हमारा दि महान स्स्त्यों और पुरुर्ों का दि ह
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स्िन्द्होंन दि क शलए ऐस आदिष कायष ककए हैं स्िन्द्हें भारर्िासी सदा याद रखेंग। कई
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महापुरुर्ों न हमारी आिादी की लड़ाई में अपना र्न-मन-धन पररिार सब क ु छ अपषि
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कर ददया। ऐस ही महापुरुर्ों में से एक ि महात्मा गांधी। महात्मा गांधी युग पुरुर् िे
स्िनक प्रनर् पूरा विश्व आदर की भािना रखर्ा िा।
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ब चपन एिं शिक्षा- इस महापुरुर् का िन्द्म 2 अतट ू बर सन् 1869 को गुिरार् में
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पोरबदर नामक स्िान पर हआ िा। आपका पूरा नाम मोहनदास िा। आपक वपर्ा
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कमषचद गांधी रािकोट क दीिान ि। मार्ा पुर्लीबाई धाशमषक स्िभाि िाली अत्यंर्
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सरल मदहला िी। मोहनदास क व्यडक्तत्ि पर मार्ा क चररि की छाप स्पष्ट ददखाई दी।
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प्रारशभक शिक्षा पोरबदर में पूिष करन क पश्चार् रािकोट स मदिक परीक्षा उत्तीिष कर
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आप िकालर् करने इग्लैंड चल गए। िकालर् करक लौटन पर िकालर् प्रारभ की। एक
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मुकदम क दौरान आपको दक्षक्षि अफ्रीका िाना पड़ा। िहां भारर्ीयों की दुदिा दख बड़े
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दुखी हए।
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उनमें राष्ट्ीय भािना िागी और ि भारर्िाशसयों की सिा में िुट गए। अंग्रिों की
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क ु दटल नीनर् र्िा अमानिीय व्यिहार के विरुद्ध गांधीिी ने सत्याग्रह आंदोलन आरंभ
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ककए। असहयोग आदोलन एि सविनय अिज्ञा आदोलन का नर्ृत्ि ककया।
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शसद्धांर्- गांधीिी न अंग्रिों स विरोध को प्रकट करन क शलए सत्याग्रह को अपना प्रमुख
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अस्त् बनाया। सत्य, अदहंसाऱूपी अस्त्ों क सामन अंग्रिों की क ु दटल नीनर् र्िा अमानिीय
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व्यिहार क विरुद्ध गांधीिी न सत्याग्रह आंदोलन आरभ ककए। असहयोग आंदोलन एिं
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सविनय अिज्ञा आदोलन का नर्ृत्ि ककया। गांधीिी क उच्चादिों एि सत्य क सममुख
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उन्द्हें झुकना पड़ा और ि हमारा देि छोड़ चले गए।
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- अक्षत फरतया
११र्ी पर्ज्ञान

