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छोट भाई की सीख
                                                 े





                                                              े
                              दो भाई समुद्र क े ककनार टहल रह थे I दोनों में ककसी बात को लेकर बहस
                                                  े
                                                                                                      े
        हो रही थी I अचानक बडे भाई ने छोट भाई को थप्पड मार ददया I छोट भाई ने
                                                          े
                                                                                                         े
                                                                     े
                                  े
                                                                    े
        क ु छ नही कहा पर रत पर ललखा कक आज मर भाई ने मुझे मारा I अगल ददन,
                                           े
                                                              े
        दोनों किर समुद्र क े ककनार घूमन ननकल I  छोटा भाई समुद्र में नहाने गया और
                                                    े
                                                          े
                              े
        अचानक ही डूबन लगा बडे भाई ने उस बचाया I
























        छोट भाई ने पत्थर पर ललखा कक आज मर भाई ने मुझे बचाया  बडे भाई ने पूछा,
             े
                                                               े
                                                             े
                                                                                          ें
                                                                                                                 े
                          ें
        जब मैंने तुम्ह मारा तो तुमन रत पर ललखा और जब मैंने तुम्ह बचाया तो तुमन
                                              े
                                                 े
                                                                                            ें
        पत्थर पर ललखा, ऐसा क्यों ? छोट भाई ने जवाब ददया, जब हम कोई दुख दे तो
                                                     े
                                                                                ं
                                                                                                े
          े
        रत पर ललखना चादहए ताकक वह जल्दी लमट जाए परतु जो हमार ललए अच्छा
                                                                                                   े
                             ें
        करता है तो हम पत्थर पर ललखना चादहए जो लमट ना पाए और हमशा क े ललए
        यादगार बन जाए।

                                                                                          भारती बैरवा


                                                                                           कक्षा 5 ‘ब’
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