Page 8 - KV Datia Magazine
P. 8
े
हर भर पड़
े
े
े
े
हर भर होंग पड़ तभी तो भरग हमार पट।
े
े
े
े
े
े
े
कभी जो काटो इनको तुम, खुद ही पर करोग जुल्म।।
तुलसी हो या नीम की पत्ती,इनहीीं स सारी बीमारी भगती।
े
गुलाब गेंदा और चमली, इनहीीं से सुदर लगती हवली।।
े
े
ीं
अपन घर को स्वगग बनाओ चारों और हररयाली लाओ।
े
जनम, वववाह या हो मत्यु, हर समय जरूरत पड़ती।।
ृ
वदों में यह लख पुरानी, वनस्पतत है जीवन दानी।
े
े
तुमन पढी हमने पढी,रामायण को सबन पढी।।
े
े
तुमन जाना हमने जाना,लक्ष्मण जी की कस जान बची।।
े
ै
े
े
बारबार तनवदन सबस,हाथ जोड़ बबनय है सबस।
ीं
े
े
पयागवरण को सब बढाएीं जीवन को सफल बनाएीं।।
चारों ओर हररयाली छाय जीवन में खुशहाली लाए।।
ीं
े
TH
अर्चगता गुप्ता (कक्षा 4 ‘A’)

