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एकरूपता
ह िंदू मुस्लिम ने अपने स्वार्थ क े ह साब पर
बािंट हदया देश को अपने अपने मज ब क े नाम पर
देश क े समक्ष वर्तमान में है समस्या
हो रामलला का मंददर या अल्लाह की मस्जिद
एक ही राम और एक ही है रहीम
दिर भी न जाने क्ों प्रेम की है कमी
देश का प्रत्येक नागररक है दहंदुस्तानी
चाहे कोई माने या ना माने इदर्हास की कहानी
दहंदू मुस्जिम क े त्योहारों में भी है एकरूपता
दिर हर धमत को भारर् में क्ों मानर्े नहीं एक सा
हिर भी जाने क्ोिं लोग ईश्वर क े नाम पर लड़ते ैं
सबका माहलक एक ोने क े बावजूद भी बेवज अकडते ैं
छोड़ो भेदभाव और ो जाओ एक
बढ़ जाएगा देश आगे जब ो जाएिं गे म सब एक!
अभय
भार्गव
दसव ीं ‘ब’

