Page 36 - kv itbp shivpuri demo1
P. 36
बेटी बचाओ
कहती है बेटी हमें निहार ,
मुझे चानहए प् यार-दुलार।
बेनटयों को क ययूँ.....
म् यार िहीं क रता संसार।
सोनचए सभी क या बेटी नबि ,
बि सकता है घर पररवार।
बचपि से लेकर जवािी तक,
मुझ पर लटक रही तलवार।
मेरे दददऔर वेदिा का
कब हा स् थायी उपचार।।
बहत पािी में मैं बह गई
कौि करेगा िदी क े पार2
मैं बेटी माता भी मैं ह ूँ ,
मैं ही दुगाद , काली अवतार।
मेरे प् यार में सभी सुखी हैं
मेरे नबिा धरती अंनधयार ।
बेटी की ददद और वेदिा का
कब होगा स् थायी उपचार ।।
आरोही
4 ’अ’

