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नूतन वर्ष अभिनंदनम ्
नूतन वर्ष अभिनंदनम्
आगत का कर वंदनम्
िर कर िावना –सुमन अंजभि से
कर नवि वर्ष का स्वागतम्।
भमटाकर शोक-शूि ववगत क े
खििाकर हर्ष –क ु सुम जगत क े ।
स्वाखणषम स्वप्न संजोए संध्या
िाई प्रात: बेिा अतत सुंदरम्।
तनत नव संकल्पित िावों से
नव वर्ष का गा गौरवम् ।
नई उजाष नवोत्साह अतत मधुरम्
नूतन वर्ष अतत मंगिम्।
मधु गुप् ता
टी. जी. टी. हिन् दी

