Page 64 - school magazine
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*तुि तूफान सिझ पाओग? *
                                              े


        द्वारा-  हररर्ंिराय बच्चन




             े
                              े
        गील बादल, पील रिकि,
                          े
        सूख पत्त, ऱूख र्ि घन
                   े
             े
                               ृ
        लकर चलर्ा करर्ा 'हरहर'--इसका
          े
        गान समझ पाओग?
                                 े

                                          े
        र्ुम र्ूफान समझ पाओग?



        गंध-भरा यह मंद पिन िा,

        लहरार्ा इसस मधुिन िा,
                          े

        सहसा इसका ट ू ट गया िो स्िप्न

        महान, समझ पाओग?
                                    े

        र्ुम र्ूफान समझ पाओग?
                                          े



        र्ोड़-मरोड़ विटप-लनर्काए,
                                          ँ

                                             ँ
        नोच-खसोट क ु सुम-कशलकाए,
        िार्ा ह अज्ञार् ददिा को! हटो
                  ै

        विहगम, उड़ िाओग!
            ं
                                   े
        र्ुम र्ूफान समझ पाओग?
                                          े





                द्र्ारा— अमित डािोर

                 कक्षा—११र्ी पर्ज्ञान
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