Page 62 - school magazine
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मिक्षक
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शिक्षक समाि में उच्च आदिष स्िावपर् करन िाला व्यडक्तत्ि होर्ा ह। ककसी भी दि या समाि
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क ननमाषि में शिक्षा की अहम ् भूशमका होर्ी ह। कहा िाए र्ो शिक्षक ही समाि का आईना
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होर्ा ह।
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दहन्द्दू धमष में शिक्षक क शलए कहा गया ह कक 'आचायष दिो भि:' यानी कक शिक्षक या आचायष
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ईश्वर क समान होर्ा ह। यह दिाष एक शिक्षक को उसक द्वारा समाि में ददए गए योगदानों क
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बदले स्िऱूप ददया िार्ा ह।
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शिक्षक का दिाष समाि में हमिा स ही पूज्यनीय रहा ह। कोई उस 'गुरु' कहर्ा ह,
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कोई 'शिक्षक' कहर्ा ह, कोई 'आचायष' कहर्ा ह, र्ो कोई 'अध्यापक' या 'टीचर' कहर्ा ह। य
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सभी िब्द एक ऐस व्यडक्त को गचत्रिर् करर्े हैं, िो सभी को ज्ञान दर्ा ह, शसखार्ा ह
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और स्िसका योगदान ककसी भी दि या राष्ट् क भविष्य का ननमाषि करना ह।
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सही मायनों में कहा िाए र्ो एक शिक्षक ही अपन विद्यािी का िीिन गढ़र्ा ह और शिक्षक ही
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समाि की आधारशिला ह। एक शिक्षक अपने िीिन क अर् र्क मागषदिषक की भूशमका अदा
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करर्ा ह और समाि को राह ददखार्ा रहर्ा ह, र्भी शिक्षक को समाि में उच्च दिाष ददया िार्ा ह।
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मार्ा-वपर्ा बच्चे को िन्द्म दर्े हैं। उनका स्िान कोई नहीं ल सकर्ा, उनका किष हम
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ककसी भी ऱूप में नहीं उर्ार सकर्े, लककन एक शिक्षक ही ह स्िस हमारी भारर्ीय सस्क ृ नर्
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में मार्ा-वपर्ा क बराबर दिाष ददया िार्ा ह, तयोंकक शिक्षक ही हमें समाि में रहने
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योग्य बनार्ा ह इसशलए ही शिक्षक को 'समाि का शिल्पकार' कहा िार्ा ह।
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गुरु या शिक्षक का सबध किल विद्यािी को शिक्षा दन स ही नहीं होर्ा बस्ल्क िह
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अपन विद्यािी को हर मोड़ पर राह ददखार्ा ह और उसका हाि िामने क शलए हमेिा
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र्ैयार रहर्ा ह। विद्यािी क मन में उमड़े हर सिाल का ििाब दर्ा ह और विद्यािी को
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सही सुझाि दर्ा ह और िीिन में आग बढ़न क शलए सदा प्रररर् करर्ा ह।
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एक शिक्षक या गुरु द्वारा अपन विद्यागिषयों को स्क ू ल में िो शसखाया िार्ा ह या िैसा
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िे सीखर्े हैं, िे िैसा ही व्यिहार करर्े हैं। उनकी मानशसकर्ा भी क ु छ िैसी ही बन िार्ी
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ह, िैसा कक ि अपन आसपास होर्ा दखर्े हैं इसशलए एक शिक्षक या गुरु ही अपन
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विद्यािी को आगे बढ़ने क शलए प्रेररर् करर्ा ह।
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सफल िीिन क शलए शिक्षा बहर् उपयोगी ह, िो हमें गुरु द्वारा प्रदान की िार्ी ह। विश्व में
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किल भारर् ही ऐसा दि ह, िहां पर कक शिक्षक अपन शिक्षािी को ज्ञान दने क साि-साि
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गुिित्तायुक्त शिक्षा भी दर्े हैं, िो कक एक विद्यािी में उच्च मूल्य स्िावपर् करन में बहर् उपयोगी ह।
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िब अमररका िैस िडक्तिाली दि का राष्ट्पनर् आर्ा ह र्ो िो भारर् की गुिित्तायुक्त शिक्षा की
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र्ारीफ करर्ा ह। ककसी भी राष्ट् का आगिषक, सामास्िक, सांस्क ृ नर्क विकास उस दि की शिक्षा
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पर ननभषर करर्ा ह। अगर राष्ट् की शिक्षा नीनर् अच्छी ह र्ो उस दि को आग बढ़ने से कोई
रोक नहीं सकर्ा। अगर राष्ट् की शिक्षा नीनर् अच्छी नहीं होगी र्ो िहां की प्रनर्भा दबकर रह िाएगी।

