Page 65 - school magazine
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स्र्चछ भारत का स्र्स्थ भारत का




                                      स्िचछ भारर् का ,स्िस्ि भारर् का


                                                  सपना हो साकार


                                           शमलिुलकर हम काम करेंग
                                                                              े


                                              े
                                            दि का होगा नाि .........

                                                                                   े
                                                                                 ं
                                1.एक कदम स्िचछर्ा कक ओर बढ़ाएग हम

                                                                              े
                                   े
                                                                    े
                                 दि को उन्द्ननर् कक ओर ल िायेंग हम
                                                  े
                                            हमन अगर ठान शल आि


                                                                          े
                                                                े
                                  गन्द्दगी को कर देंग िड स साफ
                                                                               े
                                          शमलिुल कर हम काम करेंग

                                                  े
                                                 दि का होगा नाि


                                         2. आओ अपना श्मदान दकर
                                                                            े

                                             स्िचछ भारर् बनायें हम



                                                                                       े
                            एक-एक हाि शमलकर अपनी एकर्ा को बढ़ाय हम

                                            हमन अगर ठान ली आि
                                                  े


                                       गन्द्दगी को कर देंग िड़ स साफ
                                                                          े
                                                                े
                                          शमलिुल कर हम काम करेंग
                                                                               े

                                              दि का होगा नाि
                                                े


                                                                       श्रीिती संगीता र्िाव


                                                                 प्राथमिक मिक्षक्षका संगीत



                                                                                                े
                                                                                              क॰र्ी॰ िंदसौर
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