Page 66 - school magazine
P. 66

स्क ू ल जाते बच्चों की िां

                              उठ िार्ी ह बड़ा पनछलहरा में
                                          ै
                           कर दर्ी ह बच्चों का दटकफन र्ैयार
                                      ै
                                 े
                              उन्द्हें नहा-धुला और दुलार कर

                        त्रबठा दर्ी हैं उन्द्हें बस ररतिे और ठल पर
                               े
                                                             े
                                                                े
                         और करर्ी रहर्ी हैं उन्द्हें र्ब र्क विदा
                        िब र्क ि नहीं हो िार्े आंखों स ओझल
                                   े
                                                            े
                                                           ं
                                 स्क ू ल िार्े बच्चों की मा
                                                              े
                              सुननस्श्चर् करर्ी ह कक बच्च न
                                                           े
                                                ै
                                  खाया कक नहीं दटकफन
                                                                        ं
                                    ै
                    िो नहीं खार्ी ह एक कौर त्रबना बच्चों को णखलाए
                  े
                                                                े
                                                                      े
                                               ष
                      ं
                 ि िाच पड़र्ाल करर्ी हैं, िक िुक, पाए प्रत्यक ग्रड की
                                              े
                   करर्ी ह शमन्द्नर्ें ईश्वर स, तलास टीचरों स स्िसस
                                                                े
                            ै
                                                                        े
                                                    े
                                        े
                                                       े
                          े
                                े
                                                                 े
                     उनक बच्च की ग्रडडंग हो सक श्सॎठ और श्सॎठर्म्
                                स्क ू ल िार्े बच्चों की मा
                                                          ं
                               मैं िायद नही िानर्ी कक ि
                                             ं
                                                            े
                             उस स्क ू ल की प्रधानाध्यावपका हैं
                                    े
                       िहा त्रबना ग्रडडंग सब क ु छ शसखाया िार्ा है
                           ं
                                                े
                                         े
                            कफर धीर-धीर बच्च बड़े हो िार्े हैं
                                     े
                                और िो विदा कर दर्ी ह।
                                                     े
                                                          ै
                          द्र्ारा- फफजा िरीफ खान ११र्ी

                                             आओ मिक्षक हदर्स िनाय
                                                                             े
       आओ शिक्षक ददिस मनाय । आि कर गुरुओ का िदन । कर शिक्षकों का अशभनंदन।।।
                                       े
                                                                                  े
                                                                       ं
                                                      े
       अध्यापक गि सममाननर् हो, हम उनक गुि गािा गायें। आओ ,शिक्षक ददिस मनाय।।
                                                                                                              े
                                                      े
                                                                  े
                                े
                                                                     ै
                                                                                  े
                                                                                    े
                              े
                                                े
       गुरु ही हमें ज्ञान दर् ह ।    सार दुगुषि हर लर् ह।।      दर् हमें दान विद्या का,
                                   ै
                                                                े
            े
                                                                            े
       उनक आग िीि झुकाय।    आओ ,शिक्षक ददिस मनाय।। शिक्षा िीिन सफल  बनार्ी।
                                   े
                    े
       मन में नि प्ररिा िगार्ी।। शिक्षा में भविष्य उज्ज्िल हो,  शिक्षा में हम ध्यान लगाय।
                       े
                                                                                                                े
                                       े
       आओ शिक्षक ददिस मनाय।।।
                                                                                                                       -द्र्ारा अक्षक्षता
                                                                                                                 कक्षा—११र्ी पर्ज्ञान
   61   62   63   64   65   66   67   68   69   70   71