Page 60 - school magazine
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हॉकी क िादगर – ध्यानचंद
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                                                                            ू


                                                                                                                  े
                                                                      े
                                         29 अगस्र् 1905 क ददन भारर् क गौरि, हॉकी क
                                                                                           े
                                                                े
                                         िादूगर कह िान िाल मिर ध्यानचंद का िन्द्म हआ
                                                        े
                                                                       े
                                                                            े
                                                                                                               ु
                                         िा|  इलहबाद  में  मिर  ध्यानचंद  को  रार्  में    चाद
                                                                    े
                                                                                                                 ँ
                                         ननकलने पर प्रस्तटस करना पसंद िी और   इसशलए
                                                             े
                                         उनक दोस्र् उन्द्ह चंद कहन लग| 16 िर्ष की उम्र में
                                                                                      े
                                                                               े
                                                                े
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                                         उन्द्होंने  आमी  ज्िाइन  की|  आमी  ने  ध्यानचंद  को

                                                                 े
                                                            े
      यूनाइटड प्रोविन्द्स नाम की टीम में खलन की इिािर् दी| एमसटडषम में हए
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                                                                                                                ु
      ओलवपक में 1928 में हॉकी का पहला गोल्ड भारर् न िीर्ा और ध्यानचंद
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      ओलवपक में सबस ज्यादा गोल करन िाल णखलाड़ी िे|
      उनक खल क दोरान भारर् न हॉकी में र्ीन बार गोल्ड मडल ओलवपक खलों
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                                                                                        े
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                                                                                                               े
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      में िीर्ा| य िर्ष िे- 1928, 1932, और 1936| उन्द्होंन अपन खल िीिन में
                                                                                                  े
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      1000 स अगधक गोल दाग| हॉलन्द्ड में लोगों न उनकी हॉकी स्स्टक इसशलए
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                                                                                                           े
                                                                                                     े
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                                                                                                                  े
      र्ुड़िा  कर  दखी  कक  कही  उसम  कोई  चुबक  र्ो  नही  लगा|  उनक  खल  स
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                                                                                   ं
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                                                                   ं
                                                                                                                  े
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      प्रभाविर् होकर दहटलर न उनको सना में ऊचे पद का प्रस्र्ाि ददया िा स्िस
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      उन्द्होंन ठ ु करा ददया िा| यह िी उनकी दिभस्तर्|            - िृदुला पंजाबी
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                                                                                                  11र्ी पर्ज्ञान


                                                                                                                 -
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